श्री वृन्दावन धाम यथारूप – Shri Vrindavan Dham Yatharup
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यह पुस्तक श्री वृन्दावन धाम यथारूप नाम से प्रकाशित हुई है और इसमें भगवान कृष्ण के पवित्र धाम वृन्दावन का चित्र-वर्णन है। पृष्ठों पर छपा है कि यह प्रकाशन श्रीकृष्ण-बलराम मंदिर, इस्कॉन के सहयोग से चलाया जाता है और संस्थापक आचार्य जगन्नाथ श्रीकृष्णभगवान सेवा हैं। प्रकाशन कार्य इस्कॉन वृन्दावन से होता है और पता श्रीकृष्ण-बलराम मंदिर, भक्तिवेदान्त स्वामी मार्ग, रामणीती, वृन्दावन, उत्तर प्रदेश बताया गया है। संपादक श्रीनिवास चन्द्र साह हैं और हिन्दी रूपान्तरण भी अंकित है। मुद्रक सम्राट ऑफसेट है।
प्रस्तावना में बताया गया है कि वृन्दावन धाम का यह चित्र-वर्णन किस प्रवेश-द्वार से कहाँ तक पहुँचता है, वहाँ कृष्ण, गुरु, श्रीराम, शिवलिंग, कैवल्य गोपाल और श्रीलक्ष्मी जैसे स्थानों तथा मूर्तियों के दर्शन होते हैं, और यह नगरी पवित्र क्यों है। पृष्ठों पर यह भी लिखा है कि इस प्रकाशन का काम अनेक दशकों से चल रहा है और अब तक अनेक ग्रन्थों की धारा निकल चुकी है। पुस्तक का बड़ा भाग विषय-सूची पर है, जिसमें कृष्ण-लीला, गोपी-गीत, फाग्ग-लीला, जगदम्बरी-गीत, भक्ति-गीत, राधा-कृष्ण, प्रेम-विवाह, नाग-लीला, वीणा-धुनियाँ, निचार-खारा और मोहन-विलास जैसे विषय पृष्ठ-सङ्ख्या सहित सूचीबद्ध हैं, जिससे कोई भी प्रसंग तुरन्त खोजा जा सकता है।
वृन्दावन धाम यात्रा पर जाने वालों के लिए यह पुस्तक एक अच्छा मार्गदर्शक है, क्योंकि इसमें धाम के ऐतिहासिक स्मारक, मंदिर, कुएँ, गलियाँ और स्मरण-स्थलों का वर्णन मिलता है, और भक्ति-गीतों के बोध के साथ यह भी समझ आता है कि हर स्थान के पीछे कौन-सा कृष्ण-भक्ति प्रसंग जुड़ा है। भगवान कृष्ण, श्रीराम और शिव के भक्तों के लिए यह पुस्तक भक्ति और इतिहास दोनों दृष्टियों से उपयोगी है। नवागत श्रद्धालुओं को यह भी बताती है कि धाम में किन मंदिरों को देखना चाहिए और किस क्रम में देखना उचित है। शीर्षक में यथारूप शब्द इसी दृष्टि से रखा गया है कि यहाँ का वर्णन प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर किया गया है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- इस विषय की उपयोगी तथा ज्ञानवर्धक सामग्री
- सरल हिंदी भाषा में लिखा गया पाठ
- साधक तथा सामान्य पाठक — दोनों के लिए उपयोगी
- मोबाइल व कंप्यूटर पर पढ़ने योग्य PDF
पुस्तक की मुख्य बातें
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