वेदांतसार (सदानंद, डॉ. राकेश शास्त्री) - Vedantasara
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वेदांतसार (सदानंद, डॉ. राकेश शास्त्री) – Vedantasara

श्रेणी: PDF Booksश्रेणी: Vedantaसाइज़: 31.4 mbडाउनलोड: 2,230व्यू: 4,167

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इस किताब के बारे में

यह पुस्तक 'वेदान्तसार' है, जो महर्षि सदानन्द के प्रसिद्ध वेदान्त ग्रंथ पर आधारित है। इस संस्करण में विश्वसनीय भूमिका और पल्लव के साथ अनुवाद तथा व्याख्या का कार्य डॉ. राकेश शास्त्री ने किया है, जो अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, हरिद्वार प्रीति श्रीकृष्ण कन्या महाविद्यालय, बीरवरा (राजस्थान) रहे हैं। उन्होंने इसके साथ 'चन्द्रिका' नामक हिन्दी व्याख्या भी दी है। पुस्तक परिमल पब्लिकेशन्स, दिल्ली से प्रकाशित हुई है।

यह पुस्तक पाँचल संस्कृत ग्रन्थमाला की ६४वीं पुस्तक है। ग्रन्थ में सदानन्द जी के वेदान्त के मूल सिद्धान्तों को सरल भाषा में समझाया गया है और अनेक महावाक्यों का विवेचन किया गया है। 'चन्द्रिका' व्याख्या में प्रत्येक कठिन शास्त्रीय पंक्ति के नीचे हिन्दी में अर्थ समझाया गया है, जिससे पाठक को विषय सरलता से ग्रहण हो जाता है। इसमें विशेष रूप से अध्याय-antरह अंक में अन्य हिन्दी व्याख्याओं का भी उल्लेख मिलता है।

वेदान्तसार छोटे और स्पष्ट शब्दों में लिखी गई पुस्तक है, जो वेदान्त दर्शन की समझ बनाने के लिए बहुत उपयोगी मानी जाती है। द्वितीय संस्करण 2004 में प्रकाशित इस पुस्तक का ISBN 81-7110-217-8 है और मूल्य 100 रुपये अंकित है। नवदर्शनियों के लिए यह सरल और प्रभावशाली आरंभ है।

यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।

कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।

📖 पुस्तक के अंदर क्या है —
  • आत्मा तथा ब्रह्म का स्वरूप
  • जगत् की उत्पत्ति, माया तथा अद्वैत
  • साधना, ध्यान तथा आत्मज्ञान के सोपान
  • उपनिषद् तथा गीता का सार

पुस्तक की मुख्य बातें

📕पूरी पुस्तक, एक ही PDF मेंपूरा ग्रंथ, बिना टूटे
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