पूज्य बापू जी का संदेश

ऋषि प्रसाद सेवा करने वाले कर्मयोगियों के नाम पूज्य बापू जी का संदेश धन्या माता पिता धन्यो गोत्रं धन्यं कुलोद्भवः। धन्या च वसुधा देवि यत्र स्याद् गुरुभक्तता।। हे पार्वती ! जिसके अंदर गुरुभक्ति हो उसकी माता धन्य है, उसका पिता धन्य है, उसका वंश धन्य है, उसके वंश में जन्म लेने वाले धन्य हैं, समग्र धरती माता धन्य है।" "ऋषि प्रसाद एवं ऋषि दर्शन की सेवा गुरुसेवा, समाजसेवा, राष्ट्रसेवा, संस्कृति सेवा, विश्वसेवा, अपनी और अपने कुल की भी सेवा है।" पूज्य बापू जी

यह अपने-आपमें बड़ी भारी सेवा है

जो गुरु की सेवा करता है वह वास्तव में अपनी ही सेवा करता है। ऋषि प्रसाद की सेवा ने भाग्य बदल दिया

Inspiring Stories(बोध कथा)

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माँ की प्रतिज्ञा (प्रेरक प्रसंग) | Motivational Story

2017-05-24T15:38:53+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

*  दरभंगा में एक तालाब है। उसे 'दाई का तालाब' कहते है। तालाब के निर्माण का इतिहास सज्जनता और [...]

वास्तविक बल कौन-सा है ? (बोध कथा )

2017-05-24T16:22:05+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

★ एक दिन राजा विश्वामित्र(vishwamitra) मंत्रियों के साथ शिकार के लिए गये थे। वन में प्यास से व्याकुल हो [...]

चन्द्रगुप्त | सुखी होने का मार्ग ( प्रेरक प्रसंग )

2017-05-16T08:31:47+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

चन्द्रगुप्त ( Chandragupta )व चाणक्य (chanakya)के बीच राज्याभिषेक से पहले संवाद :- चाणक्य : ये क्या सुन रहा हूँ [...]

सच्ची उपासना (बोध कथा)

2017-05-16T17:40:49+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

<> संत एकनाथ (Sant Eknath ji) महाराष्ट्र के विख्यात संत थे। स्वभाव से अत्यंत सरल और परोपकारी संत एकनाथ [...]

मेरी रक्षा करो गुरुदेव ( बोध कथा )

2017-05-10T09:37:25+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

एक बार एक शिष्य में आपने गुरुदेव से कहा की - हॆ देव एक डर हमेशा रहता है! की [...]

कौवे की परेशानी ( बोध कथा )

2017-05-08T17:30:46+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

<> यदि आपको सुखी रहना है तो किसी से अपनी तुलना नहीं करो। ‘आप’ आप ही हो। आप के [...]

पांडव और यक्ष प्रश्न | Complete dialogue between Yudhisthir and Yaksha

2017-05-07T10:01:24+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

पांडवों के वनवास के बारह वर्ष समाप्त होनेवाले थे. इसके बाद एक वर्ष के अज्ञातवास की चिंता युधिष्ठिर को सता [...]

कर्मों का फल तो भोगना ही पड़ेगा (बोध कथा)

2017-05-07T08:39:09+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

भीष्म पितामह रणभूमि में शरशैया पर पड़े थे। हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना [...]

कमी का एहसास (बोध कथा)

2017-05-04T10:34:47+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

<> एक प्रेमी-युगल शादी से पहले काफी हँसी मजाक और नोक झोंक किया करते थे। शादी के बाद उनमें छोटी [...]

हंसिनी उल्लू की ही पत्नी है (बोध कथा / Inspiring Storie )

2017-05-02T17:31:41+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

एक बार एक हंस और एक हंसिनी जंगल में घूम रहे थे बातों बातों में समय का पता नहीं [...]

फिर वो कभी नहीं मरेगा (बोध कथा)

2017-05-01T09:35:15+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

ऐसा कहते हैं कि नानक देव जी जब आठ वर्ष के थे तब पहली बार अपने घर से अकेले निकल [...]

कर्तव्य मेरा सर्वोपरि | प्रेरक लघु कहानी

2017-04-30T17:30:57+00:00 By |Inspiring Stories(बोध कथा)|

एक लड़के के आपात आपरेशन के लिए एक फोन के बाद डाक्टर जल्दी जल्दी अस्पताल में प्रवेश करते हैं....उन्होंने -­ [...]