वृहद् आथर्वण संहिता (अथर्व वेद) – सम्पूर्ण पाठ
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
वृहद् आथर्वण संहिता अथर्व वेद की वृहद् संहिता है, जिसे वृहद् आथर्वण सम्पद् भी कहा जाता है। प्रत्येक पृष्ठ के शीर्ष में "अथर्व वेद संहिता" अंकित है और अन्तिम पंक्ति "इति वृहद् आथर्वण सम्पद्" के रूप में समापन दर्जाया गया है। पुस्तक लगभग सात सौ इकतीस पृष्ठ की है और इसमें सूक्त क्रम से दिए गए हैं।
पुस्तक में सूक्तों का विस्तृत अनुक्रमणिका दी गई है, जिसमें संदर्भ-अंक भी अंकित हैं। इनमें अभय-हृदय, हिरण्यशतक, मैत्रेयी, विष्णु-सूक्त, रुद्र-सूक्त, मानस-सूक्त, शान्ति-सूक्त, प्राण-सूक्त, कृष्ण-सूक्त, राझो-सूक्त और सम्पूर्ण-सूक्त जैसे प्रसिद्ध सूक्त आते हैं। प्रत्येक सूक्त के साथ उसकी व्याख्या भी दी गई है, जिससे पाठ केवल पढ़ा नहीं जाता बल्कि समझा भी जाता है। सूक्त-क्रम सहज रखा गया है, इसलिए किसी भी सूक्त तक सीधे पहुँचा जा सकता है।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो वैदिक साहित्य में रुचि रखते हैं और अथर्व वेद को समझना चाहते हैं। अभय-हृदय और हिरण्यशतक जैसे सूक्त आज भी याद किए जाने वाले मंत्र हैं, इसलिए पुरातन होने के बावजूद इनकी प्रासंगिकता कम नहीं हुई। वैदिक-अध्ययन, संस्कृत-शास्त्र और धर्मशास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए यह मूलभूत संदर्भ है। संस्कृत का ज्ञान हो तो पाठ अधिक सहज होगा।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- ऋग्वेद के मंडल तथा सूक्त
- देवताओं की स्तुति तथा मंत्र
- सरल अर्थ तथा भावार्थ
- वैदिक संस्कृति
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
उपनयन विधि – Upanayan Vidhi
सूर्यसहस्रनामावली – Surya Sahasra Namavali
श्री महिम्न स्तोत्रम् (कश्मीरी) – Shri Mahimna Stotram
अमृत वाणी (भाग 1) – Amrit Vani
यजुर्वेद संहिता (आर्य समाज परोपकारिणी सभा) – Yajurveda Samhita
श्री महानारायण सहस्रनामावली स्तुति – Shri Maha Narayan Sahasra Namavali
ज्ञान रेह (कश्मीरी) – Gyan Reh Kashmiri
गणेश दुर्गा स्तोत्रावली (1935, श्रीनगर) – Ganesh Durga Stotravali