आँखों के लिए लाभदायक व्यायाम और योग – Aankhon ke Liye Labhdayak Exercise aur Yoga in Hindi

कंप्यूटर पर लगातार 8-10 घंटे काम करना, ज़्यादा देर टी.वी. देखना, दिन का अधिकांश समय मोबाईल के साथ बिताना या देर तक पढ़ाई करना इन सभी बातों से आँखों को नुकसान पहुंचता है। आँखें हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका खयाल रखना हमारी जिम्मेदारी है।

व्यायाम हमारी आँखों को कैसे लाभ पहुँचातें है ? (How Exercise Benefits Our Eyes in Hindi)

हम अपनी बढ़ती कमर, त्वचा, और बालों के बारे में सोचते हैं कि अपनी कमर पतली कैसे करूँ ? सुंदर कैसे दिखू ? बाल मुलायम, अच्छे कैसे हो? शरीर के बाकी हिस्सों पर ध्यान देते हैं लेकिन हम अपने शरीर के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से आँखों के बारे में भूल जाते हैं। प्रदूषण, कंप्यूटर, मोबाईल का ज़्यादा इस्तेमाल करने से आँखों में जलन, थकावट, खुजली जैसी समस्याएँ निर्माण होती हैं।

हम सभी आँखों के व्यायाम की आवश्यकता महसूस नहीं करते हैं क्योंकि तुरंत आँखों की कमजोरी या थकावट के लक्षण नज़र नहीं आते हैं। लेकिन अगर आप भविष्य में कमजोर और धुंधली दृष्टि से खुद को बचाने की इच्छा रखते हैं तो जल्द से जल्द आँखों का व्यायाम करना शुरू कर दीजिए। एकमात्र सर्वोत्तम तरीकों में से एक यह है कि आँखों के लिए योग के अभ्यास की कोशिश करें। आँखों के लिए योग एक बेहतर उपाय है, जो दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, इसके लिए आपको कुछ ही समय की ज़रूरत है।

( और पढ़े – योग करने के नियम विधि और सावधानी )

आँखों के लिए व्यायाम (Exercise for Eyes in Hindi)

हमने पाँच सरल योग अभ्यासों को एकसाथ रखा है जो कि मांसपेशियों, चेहरे और आँखों में तनाव कम करने और आपके आँखों की दृष्टि बढ़ाने में मदद करेंगे ।

1) सर्वांगासन :

विधि –

  1. ज़मीन पर चटाई बिछाकर, अपने पीठ के बल सीधे लेट जाएँ। दोनों पैर एक-दूसरे को छूते हुए रखें।
  2. हथेली ज़मीन की तरफ रखें।
  3. साँस छोड़ें, घुटनों को सीने की ओर मोड़ें, ज़मीन पर हथेली का दबाव बनाएँ और पूरे धड़ को ऊपर उठा लें।
  4. अपने हाथों का सहारा लेकर नितंब और जाँघ को ऊपर उठाएँ।
  5. कंधे से लेकर तलवे तक के शरीर का पूरा हिस्सा लयबद्ध हो जाए। अगर यह संभव न हो तो अर्ध सर्वांगासन करें यानी केवल कमर व टाँगों को ऊपर करें।
  6. पैरों के पंजों को ऊपर की तरफ खोलें, फिर पूर्वस्थिति में ले आएँ। पैरों के पंजों को अंदर की ओर खीचें।
  7. दो से तीन मिनट तक इसी स्थिति में रहें। फिर पूर्वस्थिति में आ जाएँ। इस आसन का प्रारंभ 30 सेकंड से करें, कुछ दिनों के अभ्यास के बाद धीरे-धीरे बढ़ाते जाएँ।
  8. अभ्यास के साथ इस अवधि को 7 से 8 मिनट तक बढ़ाया भी जा सकता है। अब साँस छोड़ें, धीरे-धीरे घुटनों को मोड़कर ज़मीन पर आ जाएँ।
  9. पूरा शरीर पहले की तरह ज़मीन पर टिकाएँ।

लाभ –

सर्वांगासन करने से आँखें, मस्तिष्क, कान और नाक में रक्त परिसंचरण बढ़ जाता है।

2) भ्रामरी प्राणायाम :

विधि –

  1. ज़मीन पर सुखासन या पद्मासन में बैठें।
  2. अपनी दोनों हाथों के अंगूठों से दोनों कानों को बंद कर लें।
  3. दोनों हाथों की तर्जनी ऊँगली को माथे पर और बाकी बची तीन ऊँगलियाँ यानी मध्यमा अनामिका और कनिष्का को आँखों के ऊपर रखें।
  4. कमर, पीठ, गरदन तथा सिर को सीधा रखें।
  5. मुँह को बंद रखते हए सामान्य रूप से साँस को अंदर लें।
  6. भ्रमर (भँवरे की तरह गूंजन) की तरह आवाज निकालते हुए साँस को बाहर छोड़ें। इस पूरी प्रक्रिया में आपका मुँह बंद रहना चाहिए।
  7. साँस अंदर लेने का समय 10 सेकंड तक होना चाहिए और बाहर छोड़ने का समय 20 से 30 सेकंड तक होना चाहिए।
  8. शुरुआत में 5 मिनट तक करें और अभ्यास के साथ समय बढ़ाएँ।

लाभ –

यह प्राणायाम नेत्रों को आराम पहुचाने वाला तथा इसे करने से मन क्रोध, चिंता व निराशा से मुक्त होता है।

3) पलकें झपकाना :

विधि –

अपनी आँखों को पूरी तरह से खोलें, फिर ज़ल्दी-जल्दी करीब 10 बार झपकाएँ। अब करीब 20 सेकंड के लिए अपनी आँखें बंद करें और इस अभ्यास को 4 बार दोहराएँ। हमें अपनी आँखों को एक मिनट में 25 बार झपकना चाहिए। हालाँकि हम में से बहुत से लोग यह तब नहीं करते हैं जब अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर ध्यान केंद्रित काम करते हैं।

लाभ –

यह व्यायाम आपकी आँखों को पोषण करने में मदद करता है, आँखों की मांसपेशियों को आराम देता है और आँखों में सूखेपन को रोकता है।

4) ताली बजाना :

यदि आप कभी भी किसी योगा क्लासेस में गए रहेंगे तो आप इससे परिचित होंगे। अपने हथेलियों को इतनी तेज़ी से रगड़ें कि वे गर्म हो जाएँ और फिर उन्हें आराम से पलकों के ऊपर रख दें। यह व्यायाम विशेष रूप से दिनभर के लंबे काम के बाद विश्राम का एक और रूप है।

5) बाएँ, दाएँ और गोल घुमाना :

आप अपनी आँखों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने के लिए आँखों को धीरे-धीरे एक तरफ से दूसरी तरफ और गोल-गोल घुमाइए। यदि आपको लगता है कि यह मुश्किल है तो अपनी ऊँगली का उपयोग करें और इसे एक गोल आकार में घुमाएँ यह व्यायाम करते समय ध्यान रखें कि आपकी गरदन न हिले और इन दोनों व्यायामों को कम से कम 20 बार दोहराएँ।

ऊपर बताये गये व्यायाम और योग, आपकी एकाग्रता में सुधार करने के साथ आपकी आंखों को तनाव से राहत देंने तथा आँखों के रोगों की संभावना को कम करने में मदद करते है।

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