तेजी से वजन बढ़ाने (मोटा होने) के तरीके – Mota Hone ke Upay in Hindi

आज-कल ‘स्लिम और ट्रिम’ का फैशन चल रहा है मगर फिर भी ऐसे कुछ लोग हैं जो अपना वज़न बढ़ाने के लिए न जाने क्या-क्या तिकड़म करते हैं। वज़न कम रहने के कुछ कारणों में से एक है ‘अनुवंशिकता’। खाने में अपूर्ण उष्मांक लेना, खाद्यपदार्थों का गलत चुनाव, अनियमित खाना, लड़कियों पर सामाजिक बंधन, व्यक्तिगत चिंता आदि कुछ कारणों की वजह से कुछ लोगों का वज़न कम ही रह जाता है।

आज-कल युवतियाँ पतले रहने की धुन में, ज़ीरो साइज के मोह में खाने से जी चुराती हैं। कभी-कभी यह बात इतनी अधिक बढ़ जाती है कि वे “एनोरेक्ज़िया नर्वासा (Anorexia Nervosa) नामक गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाती हैं। जिससे उनकी भोजन में रुचि खतम हो जाती है। इस सबका परिणाम होता है, वज़न का लगातार कम होते जाना।

कभी-कभी पेट के रोग, थाइरॉइड रोग या अन्य किसी बीमारी की वजह से भी वज़न कम होने लगता है।

वजन बढ़ाने (मोटा होने) के लिए पोषक आहार और उपाय (Vajan Badhane ke Tarike in Hindi)

भोजन में उच्च उष्मांक (High Calories), प्रोटीन, चरबीयुक्त आहार, विटामिन और मिनरल का संतुलित समावेश करने से वज़न में वृद्धि हो सकती है।

वजन में वृद्धि के लिए उच्च उष्मांक की ज़रूरत –

आपके काम करने के तरीके पर उष्मांक की ज़रूरत तय की जाती है। आपके काम के लिए जितनी ऊर्जा की ज़रूरत होती है, उससे ज़्यादा उष्मांक लेने की ज़रूरत होती है ताकि उससे वज़न बढ़ पाए । लेकिन उष्मांक को एकदम से बढ़ाना नहीं चाहिए। यदि आपको एक दिन में 2000 कैलोरी की ज़रूरत होती है तो आपको 2500 कैलोरी का भोजन लेना चाहिए यानी केवल 500 कैलोरी बढ़ानी चाहिए। हर सप्ताह केवल 1 पौंड वज़न बढ़ना चाहिए।

उच्च कार्बोहायड्रेटस से वजन में वृद्धि –

मोटे होने के लिए अधिक कार्बोहायड्रेटयुक्त भोजन आवश्यक होता है।

  1. पत्तेदार सब्ज़ियाँ कम लें और आलू, पराठे, खिचड़ी, आलू कटलेट, जैम, जेली, बेसन के लड्डू, दाल और दालों के पदार्थ आदि चीज़ों का भोजन में समावेश करें।
  2. दो मुख्य भोजन के बीच में सूप, जूस या कुछ मीठा खाएँ। इससे भोजन की पौष्टिकता को बढ़ाया जा सकता है।
  3. लापसी को दूध और शहद के साथ लें। कटलेट, उच्च स्तरीय प्रोटीन जैसे दूध और दूध से बनी चीज़ों को शामिल किया जा सकता है।

( और पढ़े – कार्बोहाइड्रेट का महत्त्व, इसके प्रकार, कार्य और श्रोत )

प्रोटीन भी है वजन बढ़ाने में सहायक –

शरीर के विभिन्न पेशियों को बल देने के लिए प्रोटीन लेना फायदेमंद होता है। उच्च दर्जे के प्रोटीन शरीर में जल्दी घुलमिल जाते हैं। सर्वोत्तम प्रोटीनयुक्त पदार्थों का समावेश अपने आहार में करें, जैसे मक्खन, पनीर, अंकुरित अनाज़, दही, दूध, लस्सी, मिल्कशेक, पुडिंग, कस्टर्ड, बदाम की खीर इत्यादि।

( और पढ़े – प्रोटीन के श्रोत और शरीर में इसके कार्य )

वजन बढ़ाने में चरबीयुक्त पदार्थ करते है मदद –

चरबीयुक्त आहार में अधिक उष्मांक पाए जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि चाहे जितनी चरबीयुक्त चीजें खाई जाएँ। ऐसी चीज़ों से पेट में तकलीफ होती है व डायरिया होने की संभावना होती है। चरबीयुक्त आहार पचने में भारी होता है, इसलिए इसे शुरुआत में थोड़ा लेना चाहिए और धीरे-धीरे बढ़ाते जाना चाहिए। क्रीम, बटर, मार्जरीन, घी के सेवन से वज़न बढ़ने में सहायता होती है।
बदाम, काजू, मूंगफली, अखरोट भी वज़न बढ़ाने में फायदेमंद होते हैं।

( और पढ़े – वसा (फैट) क्या है? शरीर में इसके फायदे और नुकसान )

मोटे होने में विटामिन और मिनरल फायदेमंद –

केले, आम, खजूर, सीताफल इत्यादि फलों का सेवन करना लाभदायक है।

तरल पदार्थ लेने के नियम –

तरल पदार्थों को भोजन से पहले नहीं लेना चाहिए। इससे अन्न कम ग्रहण होता है। कब्ज़ियत टालने के लिए नींबू शरबत, छाछ, पानी ले सकते हैं।

वजन बढ़ाने के लिए व्यायाम –

वज़न बढ़ाने के लिए व्यायाम करने की कोई ज़रूरत नहीं, यह गलतफहमी है। नियमित मैदानी व्यायाम करने से भूख बढ़ती है। जॉगिंग, साइकिल चलाना, तैरना इत्यादि व्यायाम वज़न बढ़ाने में भी सहायता कर सकते हैं।

वज़न बढ़ाने के लिए संयम की ज़रूरत होती है। जैसे वज़न ज़ल्दी कम नहीं होता, उसी तरह ज़ल्दी बढ़ता भी नहीं है। इसके लिए दृढ़ निश्चय की ज़रूरत होती है।

मोटा होने के लिए क्या खाना चाहिए ?

वजन बढ़ाने में सहायक कुछ अधिक उर्जावाले पदार्थ । इन्हें रोज के आहार में शामिल करें –

  • चावल, गेहूँ, रेड राइस और कॉर्नफ्लेक्स।
  • दालें : चना, मूंगफली, सोयाबीन और पूर्ण अनाज़।
  • सब्ज़ियाँ : आलू, रतालू और मटर।
  • दूधजन्य पदार्थ : भैंस का दूध, पनीर और मक्खन ।
  • शक्कर, डेज़र्ट (केक, पेस्ट्रीज, आइस्क्रीम वगैरह), मिठाइयाँ, सूखे मेवे (काजू, बदाम, पिस्ता इत्यादि)।

2 thoughts on “तेजी से वजन बढ़ाने (मोटा होने) के तरीके – Mota Hone ke Upay in Hindi”

Leave a Comment