Bal Bhajan Mala
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यह पुस्तक बाल भजनमाला नाम से प्रकाशित हुई है, जिसमें बाल-भजनों का संकलन है। पैमाना लगभग 25 पृष्ठ का है और प्रथम पृष्ठ पर शीर्षक बाल भजनमाला के साथ ही हे प्रभु आनन्ददाता जैसे आरम्भिक भजन का पाठ शुरू हो गया है।
पृष्ठ पर भजनों का पाठ ऐसे श्लोक-बन्धन में दिया गया है जिनमें बालक से सत्य बोलने, झूठ न बोलने, मेल मिल कर रहने, सदा प्रेम के रीति से चलने और दूसरों की सेवा करने की प्रेरणा दी गई है, साथ ही ब्रह्मचर्य और वीर व्रत धारण करने तथा योगवद्या और ब्रह्मवद्या की कामना भी व्यक्त की गई है। इस पुस्तिका में बाल-मन को प्रेम, सत्य और अनुशासन में रहने की शिक्षा देने वाले अनेक भजन हैं, जिनमें प्रभु के चरणों की स्मरण और उनके चरणों में शरण जाने का भाव बार-बार दोहराया गया है।
कुछ भजनों में बालक को मजबूत बनाने और संकटों में निराश न होने का उपदेश दिया गया है, जिसमें तेरे मारू में वीर कहते हुए बहादुरी का भाव और आयुविंशी ऋविकुल के बालक जैसे वाक्य भी आए हैं।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- बाल-भजनों का संग्रह
- सरल अर्थ सहित
- बच्चों के लिए उपयोगी
- भक्ति का भाव
पुस्तक की मुख्य बातें
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