दांतों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए आहार

Last Updated on September 20, 2021 by admin

हमें पेस्ट के स्थान पर किसी आयुर्वेदिक या प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बने हुए मन्जन का प्रयोग करना चाहिये। दांतों के कमजोर और पीले होने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर आप इन चीजों को नियमितता से खाएंगे और कुछ सावधानियां बरतेगें तो आपके दांत चट्टान से भी मजबूत हो जाएंगे

दांतों को स्वस्थ रखने के लिये आहार (Dant Dard ke Liye Aahar)

दाल

इसमें हाई प्रोटीन होता है, जिसको खाने से दांत मजबूत बनते हैं।

सब्जियां

सब्जियों में बहुत सारा फाइबर होता है, जो कि मुंह में एसिडिक लेवल को कम कर देता है। जब कम एसिड बनेगा तो दांतों को भी कम नुकसान होगा। दांतों की सेहत के लिए ब्रोकली, मशरूम तथा बींस खाने की सलाह दी जाती है।

फल

अगर फल को नियमित रूप से खाया जाए तो दांत मजबूत बनते हैं। इन्हें कच्चा ही खाएं न कि इनका जूस पिएं। ( और पढ़े – दांतों में कीड़े लगने के कारण और उपचार)

पानी

यह दांत में ph लेवल को मेंटेन करता है। दांत में कैविटी न बने इसके लिये दिन में 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं।

डेयरी प्रोडक्ट

कैल्शियम और फॉस्फोरस दांतों को मजबूत बनाते हैं जिनकी प्राप्ति डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन से सरलता से होती है। ( और पढ़े – दाँतों का दर्द दूर करने के 35 चमत्कारी नुस्खे )

मसाले

लौंग, दालचीनी, जीरा, धनिया और इलायची न केवल खाने को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि मौखिक स्वास्थ्य भी बनाए रखते हैं। ( और पढ़े –पीले दांतों को सफेद करने के घरेलू नुस्खे )

आपको अपने नाश्ते में शामिल खाद्य पदार्थों पर ध्यान देने के साथ-साथ अन्य जरूरी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे आप अपने दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।

आर्टिफीशियल शुगर का प्रयोग

अगर आप दातों के दर्द जैसी परेशान से गुजर रहें है तो जितना हो सके आप वही खाएं, जिसमें चीनी न मिली हो। चीनी की जगह पर कृत्रिम मिठास का प्रयोग करना अच्छा होगा।

दांतों को सड़ने से बचाने के उपाय (Danto ko Sadne se Rokne ke Upay)

दांतों को सड़ने से कैसे बचाएं ?

रोज दो बार करें ब्रश

दांतों को सड़ने से बचाने का सबसे आसान उपाय है रोज दो बार ब्रश करें। सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले, रोज सही तरीके से दांत साफ करें।

रोज करें फ्लॉस

खाना खाते वक्त कई बारीक कण दांतों में फंस जाते हैं, जो ब्रश से भी साफ नहीं होते। ऐसे में ब्रश करने के दौरान फ्लॉस की आदत डालें। इससे दांत अच्छी तरह साफ होते हैं।

खाने के बाद करें कुल्ला

नाश्ता-खाना या फिर चाय-कॉफी, इनके सेवन के बाद पानी से कुल्ला करने की आदत डालें। इससे मुंह साफ रहेगा और दांत लंबे समय तक मजबूत रहेंगे।

प्रिजर्वेटिव्स या पैक्ड डाइट से बचें

प्रिजर्वेटिव ड्रिंक्स या फास्ट फूड का सेवन दांतों के लिए भी बहुत फायदेमंद नहीं है। इनमें मौजूद शुगर और प्रिजर्वेटिव्स दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं।

सीलेंट की कोटिंग

दांतों पर कैविटी से बचाव के लिए सीलेंट की कोटिंग करवा सकते हैं। इससे दांतों को बैक्टीरियाई संक्रमण से बचाने में मदद मिलती है। खासतौर पर बच्चों के लिए सीलेंट की कोटिंग सबसे सुरक्षित तरीका है।

इस्तेमाल करें माउथवॉश

बाजार में कई एंटीमाइक्रोबिल माउथवॉश उपलब्ध हैं, जिनके इस्तेमाल से दांतों को सड़ने से बचाया जा सकता है। रोज ब्रश करने के बाद माउथवॉश का इस्तेमाल करें।

शुगर फ्री च्युइंगम

शुगर फ्री च्युइंगम चबाने के दौरान मुंह में लार बनती है, जिससे दांतों को संक्रमण से बचाने में मदद मिलती है। आप चाहें तो बिना च्युइंगम खाए भी मुंह की एक्सरसाइज करें। इससे मुंह में लार बनेगी और दांत संक्रमण मुक्त होंगे।

बेकिंग सोडा से बचें

खाने में बेकिंग सोडा के ज्यादा सेवन या इस्तेमाल से बचाव करें। पहले इसके इस्तेमाल से आपको दांत सफेद और चमकदार लग सकते हैं, लेकिन बाद में दांतों में पीलापन आ जाता है।

गाड़े रंगों के खाद्य पदार्थ न लें

ज्यादा गाढ़े रंग वाले फलों या खाद्य सामग्रियों के सेवन से बचें। सोया सॉस, मरिनारा सॉस आदि दांतों पर दाग छोड़ देते हैं।

एनर्जी ड्रिंक के ज्यादा सेवन से बचें

बहुत ज्यादा मात्रा में एनर्जी ड्रिंक न पिएं। इसमें मिला हुआ एसिड दांतों को नुकसान पहुंचाता है और दांतों की सफेदी चली जाती है।

दांत साफ रखने के टिप्स (Danto ko Saaf Rakhne ke Upay)

danto ko saaf kaise rakhe

  • समय-समय पर अपने ब्रश को बदलते रहें। हर तीन महीने में ब्रश को बदलना सही रहता है। ब्रश अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए ताकि दांतों और मसूड़ों को नुकसान न पहुंचे।
  • जीभ साफ रखें। जब भी ब्रश करें, अपनी जीभ को साफ करना कतई न भूलें। इससे सांसों में बदबू नहीं आएगी और मुंह फ्रेश रहेगा।
  • फल को काटकर खाने से बेहतर है कि उसे साबुत ही खाएं। इससे दांतों में मजबूती आएगी, दांत साफ रहेंगे और स्ट्रॉन्ग बनेंगे।

इन बातों पर भी दें ध्यान :

1). अपने नाश्ते पर एक नजर डालिए और फिर उसके गुणों के आधार पर आकलन कीजिए कि आखिर आप किस तरह का भोजन ले रहे हैं। क्या आपके नाश्ते में फल, सब्जी, अनाज व दूसरे पौष्टिक पदार्थों का समावेश है ? ये आपको कितनी कैलोरी प्रदान कर रहे हैं, इसे भी चेक करें।

2). आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद चिकित्सक घी, मक्खन व दूसरे वसायुक्त खाद्य पदार्थों की मात्रा बहुत कम कर देने या बिल्कुल बंद कर देने का परामर्श देते हैं। लेकिन अगर आपको घी, मक्खन आदि का सेवन करना ही है तो खूब शारीरिक श्रम करें। घी, मक्खन के सेवन से हानि की आशंका तब अधिक बढ़ती है, जब कोई व्यक्ति शारीरिक श्रम बिल्कुल नहीं करता।

3). हृदय रोगों से सुरक्षा के लिए पौष्टिक खाद्य पदार्थों का नाश्ते में समावेश सुनिश्चित करना चाहिए। क्योंकि नाश्ता दिनभर की भोजन सामग्री की मात्रा ही नहीं दिशा भी तय करता है।

4). आपके भोजन में शारीरिक शक्ति व रोग निरोधक क्षमता के लिए सभी पौष्टिक तत्त्व संतुलित मात्रा में होने चाहिए। अपनी रुचि व स्वाद के लिए इसमें थोड़ा-बहुत परिवर्तन किया जा सकता है, लेकिन इतना अधिक नहीं कि किसी एक खाद्य पदार्थ की मात्रा इतनी कम न कर दी जाए कि उसकी अल्प मात्रा के कारण शरीर को नुकसान पहुंचे।

दांतों के लिए घातक है शक्कर का सेवन :

मीठा खाना सभी को पसंद है और बड़े चाव से खाया भी जाता है। किंतु अत्यधिक शक्कर खाने से हमारे दांतों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि शक्कर खा लेने के बाद मुंह साफ कर लिया जाए तो अवश्य उसका इतना असर नहीं होगा, जितना उसे दांतों के बीच पड़ा छोड़ देने से होता है। वास्तव में मुंह में शक्कर या शर्करायुक्त पदार्थों के पड़े रहने से कीटाणुओं को पनपने का मौका मिलता है तथा उससे मुंह में अम्ल पैदा होते हैं, जिससे उसका हानिकारक असर दांतों पर पड़ता है।

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