मधुमेह रोगियों के लिए आहार – Madhumeh Rogi ke Liye Aahar in Hindi

अगले 20 वर्षों में भारत में सबसे ज्यादा रोगी डायबिटीज के होंगे। इसके लिए जरूरी है कि हम आचार्यों द्वारा बताई गई जीवनशैली और खानपान को अपनाएं और स्वास्थ्य लाभ पाएं। आरामतलबी से गद्देदार या स्प्रिंगदार आसन पर अधिकांशतः बैठे या लेटे रहना, सुखपूर्वक कोमल शय्या पर देर रात तक सोते रहना, दही तथा जलचर पशु-पक्षियों के मांसरस का अधिक सेवन, दूध व उससे बने पदार्थ ज्यादा खाना, नया अन्न, गुड़ या चीनी से बनी मिठाइयों का अधिक सेवन आदि इस रोग के प्रमुख कारण हैं।

जिन कारणों से रोग होता है, उनका सर्वथा परित्याग करना ही उस रोग की सर्वोत्तम चिकित्सा है। रोग होने पर कितनी भी अच्छी औषधियां ली जाएं, किंतु यदि कारण भी साथ-साथ शुरू है, तो वे व्यर्थ सिद्ध होंगी। इसीलिए पथ्य अर्थात् परहेज का बड़ा महत्व है।

मधुमेह के रोगियों के लिए डाइट (Diet for Diabetes Patient in Hindi)

मधुमेह रोग में क्या खाना चाहिए ? –

डायबिटीज रोग का प्रमुख कारण बढ़ा हुआ कफ, मेद और क्लेद है। अतः ऐसे सारे आहार-विहार जो कफ, मेद और क्लेद को कम करते हैं, वे ही निश्चित रूप से इस रोग को भी दूर करते हैं।

  • प्रमेह (डायबिटीज) की चिकित्सा में ‘जौ’ का विशेष महत्व है। जौ उष्ण व रूक्ष है, इसीलिए इसका नित्य प्रयोग बढ़े हुए कफ, मेद और क्लेद को दूर करता है। जौ को भूनकर-पिसवाकर उसकी रोटियों का प्रयोग करें। जौ के आटे की लस्सी, जौ के सत्तू का घोल आदि मधु मिलाकर लेना चाहिए। जौ से बने हुए पोहे खाना हितकर है।
  • मूंग आदि की दाल के साथ कड़वी सब्जियों जैसे करेला, परवल आदि का सेवन करना लाभप्रद है।
  • दाल आदि को सरसों के तेल से छौंककर पुराने चावलों के साथ खाना चाहिए।
  • दही की जगह छाछ का प्रयोग करना श्रेयस्कर है।
  • चीनी की बजाय कम मात्रा में गुड़ का प्रयोग करें।
  • सब्जियों में लौकी, परवल, करेला, मेथी, तुरई ले सकते हैं।
  • विविध प्रकार के पदार्थों में मधु मिलाकर खाना चाहिए।
  • हल्दी के चूर्ण को मधु और आंवले के रस के साथ लें।
  • जौ को सुखाकर, भूनकर, चूर्ण कर उसके बनाए हुए सत्तू, पुए और धाना (भुजा) तथा अलग-अलग भोज्य पदार्थों को गुड़ मिलाकर खाना चाहिए।
  • हल्दी का चूर्ण या काढ़ा, मधु में लाभकारी होता है।
  • खैर, पीपल, वट आदि वृक्षों की लकड़ी का बुरादा लेकर पानी में डालकर पकाएं। फिर छानकर उसी पानी का प्रयोग पीने के लिए रोटी बनाने एवं सब्जी पकाने के लिए भी करें।
  • मधुमेह रोगी के लिए फल- अंगूर को छोड़कर शेष सभी मौसमी फलों का सेवन करें। विशेष रूप से पपीता, अनार, जामुन, सफरचंद, अमरूद, संतरा आदि उपयोगी हैं।
  • जामुन की गुठली सुखाकर उसका चूर्ण बनाकर 1-1 चम्मच सुबह-शाम लें।
  • खाने में सलाद और अंकुरित धान्यों का प्रयोग करें।
  • रोज बिना शक्कर के दूध में हल्दी, अदरक डालकर लें।
  • त्रिफला काढ़ा नित्य पीने से लाभ होता है।
  • सुबह उठकर नीम, अथवा गाजर और लौकी का स्वरस 20ml पिएं।
  • नित्य नियम पर खाना खाएं। एक ही बार एक साथ पूरा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा कर दिन में 4 बार खाएं।

मधुमेह रोगियों के लिए विहार :

  1. रोज नियमित रूप से सुबह कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलना चाहिए।
  2. आरामतलबी छोड़कर परिश्रम के कार्यों में सहभागी रहें।
  3. शरीर को बलपूर्वक रगड़कर उबटन लगाना चाहिए।
  4. तैरना डायबिटीज के लिए अच्छा व्यायाम है।
  5. योग : पश्चिमोत्तानासन, भुजंगासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, मंडूकासन, उत्तानपादासन, मत्स्यासन, योगमुद्रा आदि विशेष लाभकारी हैं।

इस प्रकार केवल आहार-विहार में कुछ परिवर्तन कर डायबिटीज जैसे भयंकर रोग से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

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