Shri Brahm Ramayan
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक श्री ब्रह्म रामायण नाम से प्रकाशित हुई है। आवरण-पृष्ठ पर रामायण का बोध-चिन्ह दिया गया है और नीचे अनुक्रम सूची दी गई है, जिसमें हमारे स्वामी जी, हो जा अजय, सुख से वचर, आश्चर्य है, प्राज्ञ-वाणी, कैसे बरा दीन हो, सब हानि-लाभ समान है, पूतली नहीं तू माँस की, सर्वोत्तम अनुसन्धान कर, और फस आ गये रवीन हो जैसे अध्याय आते हैं। पैमाना लगभग 21 पृष्ठ का है।
पाठ में वर्णन है कि सन् 1998 में चैत्र वद 6 के दिन एक अंक का प्रारम्भ हुआ और उनके जन्म के साथ ही अनेक चमत्कारपूर्ण घटनाएँ घटीं, तथा साढ़े तीन साल की उम्र में ही उन्होंने स्कूर में सप्त वर्षों तक अकेले रहकर वेद-वेदार्थों और अध्यात्मों का अध्ययन किया। बाद में उन्होंने अपने शिष्यों को वेद-वेदान्त का अध्ययन करने की और शिष्य-शिष्यों की साधना के लिये आजीवन अध्ययन करने की छूट दे दी।
यह पुस्तक आसारामजी महाराज के सत्संग-प्रवचनों का सार है, इसलिए भक्ति-साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- ब्रह्म रामायण की कथाएँ
- राम-भक्ति तथा आध्यात्मिक भावार्थ
- मूल पाठ तथा अर्थ
- उपदेश तथा प्रसंग
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
Yog Yatra 3
Prabhu Param Prakash Ki Aur Le Chal
Sahaj Sadhna
Shri Yogavasishtha Maharamayan- 4 -Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan- 3 -Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan -2- Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan -1- Hindi
आरोग्यनिधि – Arogyanidhi