Yauvan Suraksha 2
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यौवन सुरक्षा-२ एक छोटा आत्म-ग्रन्थ है, जिसका आधार संत श्री आसारामजी बापू के सत्संग-प्रवचन हैं। शीर्षक पृष्ठ पर भगवद्गीता का यह श्लोक छपा है, सिद्धे बिन्दी सुनुने कि न सिध्यति भूतलो, महिम्नो यत्प्रसादस्य नरो नारायणो भवेतु। पृष्ठ पर जोरदार टाइप में लिखा वाक्य है, यौवन हो या भोगी, सबको संयम की आवश्यकता होगी, जो इस पूरी पुस्तक का सार है।
आगे के पन्नों में युवा जीवन से जुड़े नियम दिए गए हैं, जिनमें संयम, साधना, समय का सदुपयोग और मन पर नियंत्रण जैसे विषय प्रमुख हैं। लेखक ने बताया है कि शारीरिक सुखों के पीछे भागते रहने से व्यक्ति अपने लक्ष्य से दूर होता जाता है, इसलिए इच्छाओं को वश में करना आवश्यक है। नियम रोज़ के जीवन से जुड़े उदाहरणों से समझाए गए हैं, इसलिए पढ़ना आसान रहता है।
युवा अवस्था को अनुशासित करने के उद्देश्य से लिखी गई यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो जवानी के उतार-चढ़ाव से गुज़र रहे हैं। संत-सत्संग से जुड़ी यह रचना उन्हें जीवन की शान्ति और सन्तोष का मार्ग दिखाती है। इसे केवल पाठ और आत्म-चिंतन के लिए पढ़ा जा सकता है। छोटे आकार के कारण यह पुस्तक कहीं जल्दी भी समाप्त हो जाती है, जिससे युवा पाठक बिना बोझ के इसे पूरा पढ़ सकते हैं।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- यौवन तथा स्वास्थ्य की रक्षा
- ब्रह्मचर्य तथा संयम
- आहार तथा दिनचर्या
- सावधानियाँ
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
Yog Yatra 3
Prabhu Param Prakash Ki Aur Le Chal
Sahaj Sadhna
Shri Yogavasishtha Maharamayan- 4 -Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan- 3 -Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan -2- Hindi
Shri Yogavasishtha Maharamayan -1- Hindi
आरोग्यनिधि – Arogyanidhi