चावल का पानी (मांड) इसके फायदे और उपयोग

चावल न केवल हमारे देश में वरण यह दुनिया भर में कई हिस्सों में एक मुख्य व्यंजन है। ज्यादातर लोग चावल बनाते समय उसके बचे पानी जिसे मांड भी कहतें है उसे फेंक देते हैं । लेकिन वे यह नही जानते की चावल का यह पानी सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है ।

चावल का पानी मेटाबॉलिज्म (चयापचय) को बढ़ाने में शरीर की मदद करता है, साथ ही यह फाइबर से भरपूर होता है । चावल का पानी पाचनशक्ति को मजबूत करने के साथ कब्ज जैसी समस्या से छुटकारा दिलाता है । बच्चे हों या फिर बड़े, दोनों के लिए डायरिया जैसी समस्या के लिए चावल का पानी बेहद फायदेमंद होता है । आइए जानते हैं चावन के पानी के लाभों के बारे में ।

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चावल के पानी के फायदे (Chawal ke Pani ke Fayde in Hindi)

1). दस्त – 100 ग्राम चावल को आटे की तरह पीस ले । अब इसे 1 लीटर पानी में उबालें। अच्छी तरह उबालने के बाद इसे छानकर स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिला लीजिए । इसे बच्चों को आधा कप और बड़ों को 1 कप हर घंटे के बाद पिलाने से दस्त बंद हो जाते हैं। इसे छोटे बच्चों को कम मात्रा में पिला सकते हैं। दस्त में यह बहुत लाभकारी होता है।

2). रक्तप्रदर – एक गिलास चावल के पानी में मिश्री मिलाकर पीने से रक्तप्रदर रोग ठीक हो जाता है। ( और पढ़े – रक्त प्रदर का आयुर्वेदिक इलाज )

3). गर्भावस्था की वमन (उल्टी) – 50 ग्राम चावल को 250 मिलीलीटर पानी में भिगो दीजिए । 30 मिनट बाद इसमे 5 ग्राम धनिया भी मिला दीजिए । 10 से 15 मिनट बाद इसे अच्छी तरह मसलकर छान लीजिए । इस पानी का 4 भाग कर दिन में 4 बार इसे पिलाएं। इसके प्रयोग से गर्भवती स्त्री की उल्टी तुरन्त ही बंद हो जाती है।

4). भांग का नशा – चावल का पानी पीने से व्यक्ति को चढ़ा हुआ भांग का नशा उतर जाता है।

5). चेहरे की झांई – सफेद चावल को कुछ देर पानी में भिगो दीजिए । इस पानी से चेहरे को धोने से चेहरे की झांईयां और कालापन दूर हो चेहरे का रंग साफ और सुन्दर हो जाता है। ( और पढ़े – चेहरे की झाइयां मिटाने के 13 आसान उपाय )

6). शीतला (मसूरिका) ज्वर – चावल का पानी (मांड) बनाकर पांवों के तलवों पर की फुंसियों पर लगाने से जलन शांत हो जाती हैं।

7). वमन (उल्टी) – चावल के पानी (मांड) में एक से दो चम्मच बेल चूर्ण मिलाकर पीने से उल्टी होना बंद हो जाती है।

8). हिचकी – चावल के मुरमुरे को पानी में 10 मिनट तक भिगोकर पीस लें। इसमें सेंधानमक और कालीमिर्च मिलाकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है।

9). खूनी अतिसार – चावल के पानी (मांड) में 20 ग्राम चंदन का पाउडर, मिश्री और शहद मिलाकर पीने से रक्तातिसार रोग नष्ट हो जाता है।

10). श्वेतप्रदर – आधा कप चावल को 1 कप पानी में भिगो दें। 100 ग्राम मूंग को तवे पर सेंकने के पश्चात इसे पीसकर किसी बोतल में भर लें। 1 चम्मच मूंग के चूर्ण को 1 कप भीगे हुए चावल के पानी के साथ घोलकर दिन में 1 बार पीने से श्वेत प्रदर रोग में लाभ होता है। ( और पढ़े – श्वेत प्रदर लिकोरिया का रामबाण इलाज )

11). प्यास अधिक लगना – लाल चावलों का पानी (मांड) ठण्डा करके शहद मिलाकर पीने से बार-बार प्यास लगने की परेशानी नष्ट होती है।

12). पित्त ज्वर – चावल और छुहारे को पानी में भिगो दें । दो से तीन घंटे बाद इस पानी को छान इस पानी में 240 मिलीग्राम जस्ता भस्म मिला रोगी को पिलाने से पित्त ज्वर नष्ट हो जाता है।

13). रक्तप्रदर – 100 ग्राम पानी में 50 ग्राम चावलों को डालकर कुछ देर रखें । तीन से चार घंटे पश्चात चावल को उसी पानी में मसलकर उस पानी को रोगी को पिलाने से रक्त प्रदर रोग में लाभ होता है।

14). मोटापा दूर करना – चावल का गर्म पानी (मांड) कुछ दिनों तक नियमित सेवन करने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी नष्ट हो मोटापा दूर होता है। ( और पढ़े – मोटापा कम करने के अचूक नुस्खे )

15). शरीर की जलन – चावल के पानी (मांड) में चंदन की लकड़ी घिसकर घोल बना लें। यह 20 ग्राम घोल नित्य मिश्री और शहद मिलाकर पीने से शरीर में होने वाली जलन दूर होती है।

16). आग से जल जाने पर – कच्चे चावल से दुगनी मात्रा में काले तिल लेकर ठण्डे पानी के साथ इन्हें पीसकर लेप बना लीजिए । इस लेप को 3 दिनों तक आग से जले हुये भाग पर लगाने से तुरंत ही जलन और दर्द दूर हो जाता है। इस बीच जले हुए भाग को धोयें नहीं । कुछ दिनों बाद आराम होने पर पपड़ी अपने आप ही हट जायेगी। ( और पढ़े – आग से जलने पर 79 प्राथमिक घरेलू उपचार )

17). कण्ठमाला – चावल के पानी (मांड) में अमलतास की जड़ का चूर्ण मिलाकर खाने से कण्ठमाला रोग (गले की गांठे) ठीक हो जाता हैं।

18). बच्चों के विभिन्न रोग – चावल के पानी (मांड) में विजयसार के फूलों को बारीक पीसकर गोली बनाकर सेवन करने से बालरोगों में लाभ मिलता है।

चावल का पानी (मांड) बनाने की विधि (Chawal ka Pani Bnane ki Vidhi)

चावल का पानी कैसे बनाएं ?

  1. चावल का पानी बनाने के लिए आपको चाहिए – तीन चम्‍मच (3 Teaspoons) चावल और देड कप पानी।
  2. सबसे पहले चावल को पानी से अच्‍छी तरह से धो लें।
  3. अब किसी साफ बर्तन में चावल और पानी डालें।
  4. गैस पर चावल के नरम होने तक इसे अच्छी तरह उबालें।
  5. इसके बाद गैस बंद कर दें और एक कप में छानकर पानी निकाल लें।
  6. चावल का पानी तैयार है।

(अस्वीकरण : दवा ,उपाय व नुस्खों को वैद्यकीय सलाहनुसार उपयोग करें)

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