Swami Rama Tirtha Granthavali – 24
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक श्री रामतीर्थ ग्रन्थावली का खण्ड छठा है, जिसमें स्वामी रामतीर्थ का सदुदेश-भाग २४ दिया गया है। पैमाना लगभग 159 पृष्ठ का है और आवरण पर ॐ के नीचे भाग चौबीसवाँ तथा परमहंस स्वामी रामतीर्थ का चित्र बना है।
शीर्षक-पृष्ठ पर प्रकाशक श्री रामतीर्थ पब्लिकेशन लीग, लखनऊ अंकित है, साथ में प्रथम संस्करण प्रति दो हजार, दिसम्बर १९२३ और माघ शोभ १९८० की तारीखें तथा वार्षिक मूल्य के हिसाब से फुटकर संस्करण में डाक व्यय अलग अथवा सजिल्ट्ट का उल्लेख भी है।इस भाग में उनके चौबीसवें सदुदेश-भाग का संकलन दिया गया है, जिसमें उनके विचारों तथा अनेक प्रकरणों का वर्णन मिलता है, और विषय-सूची में प्रत्येक प्रकरण का पृष्ठ-अंक भी दिया गया है, जिससे पाठक सीधे सही प्रकरण तक पहुँच सकता है।
इस भाग में स्वामी रामतीर्थ के सदुदेश का चौबीसवाँ भाग दिया गया है, जिसमें उनके विचारों का संकलन तथा अनेक प्रकरण मिलते हैं, और संस्करण-विवरण से यह स्पष्ट होता है कि पुस्तक लखनऊ से छपी थी।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- स्वामी रामतीर्थ की रचनाएँ (भाग 24)
- प्रवचन तथा कविता
- अद्वैत तथा भक्ति
- प्रेरक विचार
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
Swami Rama Tirtha Granthavali – 10
Swami Rama Tirtha Granthavali – 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 07, 08, 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 06
Swami Rama Tirtha Granthavali – 05
Swami Rama Tirtha Granthavali – 04
Swami Rama Tirtha Granthavali – 28
Swami Rama Tirtha Granthavali- 27