Swami Rama Tirtha Granthavali – 02
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक श्री रामतीर्थ ग्रन्थावली के खण्ड दूसरे के रूप में प्रकाशित हुई है, जिसमें उनके सदुदेश का भाग दो दिया गया है। शीर्षक-पृष्ठ पर प्रकाशक श्री रामतीर्थ पण्डितकेशन लीग, लखनऊ अंकित है, और साथ ही प्रथम संस्करण प्रति तीन हजार तथा जनवरी १९२०, माघ १९०६ दर्ज है। पैमाना लगभग 125 पृष्ठ का है।
प्रकाशन-विवरण में अंग्रेज़ी में लिखा है कि छपाई K. C. Banerjee ने The Anglo-Oriental Press, Lucknow से की गई, और प्रकाशन Swami N. S. Swayam Jyoti, Secretary, The Rama Tirtha Publication League, Lucknow, 1920 के द्वारा किया गया। वार्षिक मूल्य के हिसाब से सारी अथवा डाक-ट्रय सहित सजिल्ट्ट के कुठक्कर का भी उल्लेख है।
विषयानुक्रम में जीवन चरित्र, सान्त में ग्रान्त, आत्मसूर्य और माया, ईश्वर-भक्ति, व्यावहारिक चेदान्त, पत्र-प्रकृष्णा तथा माया जैसे विषय दिए गए हैं, जिससे पाठक को खण्ड की विषय-सूची पहले से दिख जाती है। यह पुस्तक आध्यात्मिक पाठकों के लिये उपयोगी है। पृष्ठ पर खण्ड की विषय-सूची पहले से दी गई है, जिससे पाठक को खण्ड की विषय-सूची पहले से दिख जाती है। पृष्ठ पर खण्ड की विषय-सूची पहले से दी गई है, जिससे पाठक को खण्ड की विषय-सूची पहले से दिख जाती है।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- स्वामी रामतीर्थ की रचनाएँ (भाग 2)
- प्रवचन तथा कविता
- अद्वैत तथा भक्ति
- प्रेरक विचार
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
Swami Rama Tirtha Granthavali – 10
Swami Rama Tirtha Granthavali – 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 07, 08, 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 06
Swami Rama Tirtha Granthavali – 05
Swami Rama Tirtha Granthavali – 04
Swami Rama Tirtha Granthavali – 28
Swami Rama Tirtha Granthavali- 27