Swami Rama Tirtha Granthavali- 27
बटन दबाते ही डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा — बस इंतज़ार कीजिए।
⬇ मुफ़्त PDF डाउनलोड करें📖 डाउनलोड नहीं हो रहा? निर्देश और मदद यहाँइस किताब के बारे में
यह पुस्तक श्री रामतीर्थ ग्रन्थावली का खंड तीसरा है, जिसमें स्वामी रामतीर्थ का सदुदेश-भाग २७ दिया गया है। पैमाना लगभग 150 पृष्ठ का है।
शीर्षक-पृष्ठ पर प्रकाशक श्री रामतीर्थ पब्लिकेशन लीग, लखनऊ अंकित है, साथ में प्रथम संस्करण प्रति दो हजार, अगस्त १९२४ और भावण १९८८ की तारीखें तथा फुटकर जिल्द अथवा सजिल्ट्ट संस्करण का उल्लेख भी है।इस भाग में स्वामी रामतीर्थ के सदुदेश का सत्ताईसवाँ भाग दिया गया है, जिसमें पाप तथा उसके निवारण से जुड़े विचारों का वर्णन मिलता है, और छपाई का विवरण अंग्रेज़ी में दिया गया है, जिससे पुस्तक के छपने के स्थान और समय की जानकारी मिलती है। विषय-सूची में प्रकरणों के पृष्ठ-अंक दिए गए हैं। पढ़ने वाला इस अनुक्रम के सहारे संत के विचारों तक सीधे पहुँच सकता है।
अगला पृष्ठ विषय-सूची है, जिसमें पाप की समस्या और कविता जैसे प्रकरण पृष्ठ-संख्याओं के साथ दिए गए हैं, और उसके नीचे छपाई का विवरण अंग्रेज़ी में दिया गया है, जिसमें लिखा है कि छपाई K. C. Banerjee ने Anglo-Oriental Press, Lucknow से की गई।
यह पुस्तक किसके लिए उपयोगी है — विद्यार्थियों, जिज्ञासुओं, साधकों तथा सामान्य पाठकों — सभी के लिए। चाहे इसे अध्ययन के लिए पढ़ें या जानकारी एवं आत्म-विकास हेतु, यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी। विषय की गहराई में जाने से पहले इससे मूल आधार मजबूत होता है।
कैसे पढ़ें — फ़ाइल पूरी PDF में है, जिसे मोबाइल, कंप्यूटर या किसी भी PDF ऐप में बिना इंटरनेट के पढ़ा जा सकता है। नीचे दिए बटन से इसे तुरंत और मुफ़्त डाउनलोड करें — कोई साइन-अप, सदस्यता या शुल्क नहीं।
- स्वामी रामतीर्थ की रचनाएँ (भाग 27)
- प्रवचन तथा कविता
- अद्वैत तथा भक्ति
- प्रेरक विचार
पुस्तक की मुख्य बातें
डाउनलोड कैसे करें — बस 3 कदम
डाउनलोड के बाद फ़ाइल “Downloads” फ़ोल्डर में मिलेगी — वहीं से कभी भी दोबारा पढ़ सकते हैं। कोई दिक्कत हो? हमें बताएँ
🙏 यह पुस्तक साझा करें
इस पुस्तक का लिंक मित्रों को भेजिए — इसी तरह ज्ञान सब तक पहुँचेगा।
इसी श्रेणी की और किताबें
Swami Rama Tirtha Granthavali – 10
Swami Rama Tirtha Granthavali – 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 07, 08, 09
Swami Rama Tirtha Granthavali – 06
Swami Rama Tirtha Granthavali – 05
Swami Rama Tirtha Granthavali – 04
Swami Rama Tirtha Granthavali – 28
Swami Rama Tirtha Granthavali – 26